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डायबिटीज (मधà¥à¤®à¥‡à¤¹) - लकà¥à¤·à¤£, कारण, उपचार और रोकथाम | Diabetes In Hindi
डायबिटीज कà¥à¤¯à¤¾ है?
डायबिटीज à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ बीमारी है जिसकी विशेषता हाई बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° है। बà¥à¤²à¤¡ में बहà¥à¤¤ अधिक गà¥à¤²à¥‚कोज होने से सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं और यदि बà¥à¤²à¤¡ गà¥à¤²à¥‚कोज, जिसे बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के रूप में à¤à¥€ जाना जाता है, किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में बहà¥à¤¤ अधिक हो सकता है, इसे मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ कहा जाता है। बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र ऊरà¥à¤œà¤¾ का पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होता है और उस आहार से आता है जिसका सेवन किया जाता है। शरीर में इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ नामक à¤à¤• हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ होता है जो गà¥à¤²à¥‚कोज को कोशिकाओं में जाने में मदद करता है ताकि ऊरà¥à¤œà¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की जा सके।
टाइप -1, टाइप -II, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤§à¤¿ और पूरà¥à¤µ-मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ जैसे विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ होते हैं। जब कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ से पीड़ित होता है तो शरीर इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ नहीं बनाता है और इस पà¥à¤°à¤•ार गà¥à¤²à¥‚कोज शरीर की कोशिकाओं में जाने में विफल रहता है और बà¥à¤²à¤¡ में रहता है। यह बढ़ा हà¥à¤† बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° या गà¥à¤²à¥‚कोज का सà¥à¤¤à¤° आंखों की कà¥à¤·à¤¤à¤¿, किडनी की कà¥à¤·à¤¤à¤¿, हृदय रोग आदि जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा कर सकता है, इस पà¥à¤°à¤•ार यदि अनà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤ छोड़ दिया जाठतो मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ हो सकती है। जबकि मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ का कोई सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ इलाज नहीं है, यह किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और फिट जीवन जीने के लिठकदम उठा सकता है।
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ उन रोगों का à¤à¤• समूह है जिसमें शरीर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ या किसी à¤à¥€ इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ नहीं करता है, जो उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¿à¤¤ इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ का ठीक से उपयोग नहीं करता है, या दोनों के संयोजन का पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करता है। जब इनमें से कोई à¤à¥€ चीज होती है, तो शरीर बà¥à¤²à¤¡ से शà¥à¤—र को कोशिकाओं में ले जाने में असमरà¥à¤¥ होता है। यह हाई बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° की ओर जाता है।
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के तीन मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार होते हैं:
टाइप 1 डायबिटीज: किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ गलती से अगà¥à¤¨à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¯ में इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ बनाने वाली बीटा कोशिकाओं पर अटैक करती है और नषà¥à¤Ÿ कर देती है। कà¥à¤› लोगों में जीन à¤à¥€ इस बीमारी के कारण में à¤à¤• à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार, इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ नहीं होता है और इस पà¥à¤°à¤•ार हाई बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र होता है।
टाइप 2 डायबिटीज: यह इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ के कारण होता है। यह आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिकी और जीवन शैली कारकों का संयोजन है जैसे अधिक वजन या मोटापे के कारण इस समसà¥à¤¯à¤¾ का खतरा बढ़ जाता है। पेट में à¤à¤¾à¤°à¥€ वजन के कारण कोशिकाà¤à¤‚ बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र पर इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ के लिठअधिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ हो जाती हैं।
जेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² डायबिटीज: इस समसà¥à¤¯à¤¾ का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² परिवरà¥à¤¤à¤¨ है। नाल हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करता है और ये हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ कोशिकाओं को इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ कम संवेदनशील बना सकते हैं। यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान हाई बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का कारण बन सकता है। उचित आहार के माधà¥à¤¯à¤® से इस बीमारी को रोका जा सकता है।
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• लकà¥à¤·à¤£ और संकेत कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ और संकेत निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं:
à¤à¥‚ख और पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ में वृदà¥à¤§à¤¿
बार-बार पेशाब आना और मà¥à¤‚ह सूखना
वजन में कमी और थकान
सिरदरà¥à¤¦ और चिड़चिड़ापन
धीमे-धीमे घाव ठिक होना और धà¥à¤‚धली दृषà¥à¤Ÿà¤¿
मतली और तà¥à¤µà¤šà¤¾ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ जैसे शरीर के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ का काला पड़ना कम हो जाता है (à¤à¤•ैंथोसिस नाइगà¥à¤°à¥€à¤•नà¥à¤¸)
सांस की गंध जो कि फà¥à¤°à¥‚टी, मीठा या à¤à¤¸à¥€à¤Ÿà¥‹à¤¨ गंध
हाथ या पैर में à¤à¥à¤¨à¤à¥à¤¨à¥€ या सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾
रेटà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¥‡à¤¡ à¤à¤œà¤¾à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ और कम टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ (कम-टी)
सेकà¥à¤¸ डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µ में कमी (कामेचà¥à¤›à¤¾ में कमी) और यौन रोग और गतिहीन जीवन शैली (वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® की कमी और / या शारीरिक रूप से सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ नहीं होना) और पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में कम टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨
हाई बà¥à¤²à¤¡à¤¬à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° और हाई कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤²
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और अतिरिकà¥à¤¤ शराब का सेवन
नींद की कमी और हृदय रोग
तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कà¥à¤·à¤¤à¤¿ और नà¥à¤¯à¥‚रोपैथी (तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा दरà¥à¤¦) और किडनी की बीमारी
रेटिनोपैथी (आंख और या अंधापन में तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कà¥à¤·à¤¤à¤¿) और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•
पेरिफेरल वैसà¥à¤•à¥à¤²à¤° रोग और खमीर संकà¥à¤°à¤®à¤£
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के कारण कà¥à¤¯à¤¾ होता हैं?
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण और रोकथाम हैं:
टाइप 1 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के कारण निमà¥à¤¨ हैं:
किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ गलती से अगà¥à¤¨à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¯ में इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨-उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤• बीटा कोशिकाओं पर अटैक करती है और नषà¥à¤Ÿ कर देती है। कà¥à¤› लोगों में जीन à¤à¥€ इस बीमारी के कारण में à¤à¤• à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार, इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ नहीं होता है।
टाइप 2 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के कारण हैं:
यह इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ के कारण होता है। यह आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिकी और जीवन शैली कारकों का संयोजन है जैसे अधिक वजन या मोटापे के कारण इस समसà¥à¤¯à¤¾ का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से अपने पेट में अतिरिकà¥à¤¤ वजन लेना कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह अतिरिकà¥à¤¤ वजन आपकी कोशिकाओं को बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र पर इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अधिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ बनाता है।
जेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² डायबिटीज:
इस समसà¥à¤¯à¤¾ का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² परिवरà¥à¤¤à¤¨ है। नाल हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करता है और ये हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ कोशिकाओं को इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ कम संवेदनशील बना सकते हैं। यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान हाई बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का कारण बन सकता है। उचित आहार के माधà¥à¤¯à¤® से इस बीमारी को रोका जा सकता है।
डायबिटीज का निदान कैसे करें?
कई टेसà¥à¤Ÿ हैं जो मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के निदान में डॉकà¥à¤Ÿà¤° की मदद करते हैं:
टाइप 1 और टाइप 2 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के लिठटेसà¥à¤Ÿ
रैंडम बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र टेसà¥à¤Ÿ: à¤à¤• यादृचà¥à¤›à¤¿à¤• समय पर बà¥à¤²à¤¡ सैंपल लिया जाता है। जब आप आखिरी बार खाते हैं, तो डिकिलिटर (मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® / डीà¤à¤²) - पà¥à¤°à¤¤à¤¿ लीटर (मिमीोल / à¤à¤²) - या उचà¥à¤šà¤¤à¤° 200 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® का à¤à¤• यादृचà¥à¤›à¤¿à¤• हाई शà¥à¤—र लेवल मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ का सà¥à¤à¤¾à¤µ देता है।
फासà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र टेसà¥à¤Ÿ: à¤à¥‹à¤œà¤¨ से पहले और à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बाद रोगी के गà¥à¤²à¥‚कोज के सà¥à¤¤à¤° का परीकà¥à¤·à¤£ किया जाता है। यदि गà¥à¤²à¥‚कोज का सà¥à¤¤à¤° सामानà¥à¤¯ से 100 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® / डीà¤à¤² से कम है। बार-बार अलग-अलग परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बाद à¤à¥€ 126 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® / डीà¤à¤² या अधिक से उपवास बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ करता है।
गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤•ेटेड हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ (A1C) टेसà¥à¤Ÿ: यह टेसà¥à¤Ÿ दिखाता है कि टसà¥à¤Ÿ से 2 से 3 महीने पहले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का औसत बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल कà¥à¤¯à¤¾ था। बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र सैंपल à¤à¥‹à¤œà¤¨ से पहले या बाद में लिया जा सकता है।
जेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² डायबिटीज के लिठटेसà¥à¤Ÿ
यदि आप गरà¥à¤à¤•ालीन मधà¥à¤®à¥‡à¤¹(जेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² डायबिटीज) के औसत जोखिम में होते हैं, तो संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ आपके दूसरी तिमाही के दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤§à¤¿ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के लिठà¤à¤• सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग टेसà¥à¤Ÿ होता है- आमतौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 24 से 28 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच होता है।
पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• गà¥à¤²à¥‚कोज चैलेंज टेसà¥à¤Ÿà¥¤
फॉलो-अप गà¥à¤²à¥‚कोज टॉलेरेंस टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के लिठसबसे अचà¥à¤›à¤¾ उपचार कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• पà¥à¤°à¤•ार के मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के उपचार में रोगी को कà¥à¤› दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करना चाहिठजैसे कि सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और उचित à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना और अचà¥à¤›à¥€ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® योजना à¤à¥€ होनी चाहिà¤à¥¤
टाइप 1 डायबिटीज के लिठउपचार: टाइप 1 डायबिटीज के लिठउपचार में इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ या इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ पंप का उपयोग, लगातार बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र की जाà¤à¤š और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ की गिनती शामिल होती है।
टाइप 2 डायबिटीज के लिठउपचार: टाइप 2 डायबिटीज के उपचार में मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से जीवनशैली में बदलाव, आपके बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र की निगरानी, ​​डायबिटीज दवाओं के साथ इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ या दोनों शामिल होता हैं।
मेडिकेशन: मेटफॉरà¥à¤®à¤¿à¤¨ (गà¥à¤²à¥‚कोफेज, गà¥à¤²à¥‚मेटा, अनà¥à¤¯) जैसी दवाà¤à¤‚ आमतौर पर टाइप 2 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के लिठनिरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ की जाती हैं। उचà¥à¤š कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ और बैरिà¤à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• सरà¥à¤œà¤°à¥€ के मामलों में à¤à¥€ रोगियों के लिठविकलà¥à¤ª होता है। पà¥à¤°à¥€-डायबिटीज के लिठउपचार à¤à¥€ दवाà¤à¤ लेने से होता है - जैसे मेटफोरà¥à¤®à¤¿à¤¨ (गà¥à¤²à¥‚कोफेज, गà¥à¤²à¥à¤®à¥‡à¤¤à¥à¤œà¤¼à¤¾, अनà¥à¤¯)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤§à¤¿ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के लिठउपचार: अपने बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान जटिलताओं से बचने के लिठअपने बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करना आवशà¥à¤¯à¤• होता है।
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ दवा के साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
टाइप 2 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ वाले कई लोग अपने मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद करने के लिठदवाओं का à¤à¤• संयोजन लेते हैं। संयोजन चिकितà¥à¤¸à¤¾ के साथ, लो बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के लिठजोखिम बढ़ जाता है। ये दवाà¤à¤‚ कà¥à¤› दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पैदा कर सकती हैं जो नीचे सूचीबदà¥à¤§ हैं:
सलà¥à¤«à¥‹à¤¨à¥€à¤²à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण हाइपोगà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ (लो बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र), सà¥à¤•िन रैश या खà¥à¤œà¤²à¥€, धूप की संवेदनशीलता, पेट खराब होना और वजन बढ़ना जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं।
मेगालिटिनिडà¥à¤¸ हाइपोगà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ और वजन बढ़ने का कारण हो सकता है।
बिगà¥à¤†à¤¨à¤¾à¤‡à¤¡ लेने वाले लोग लैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ विकसित कर सकते हैं, दà¥à¤°à¥à¤²à¤ लेकिन गंà¤à¥€à¤° दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥¤
अलà¥à¤«à¤¾-गà¥à¤²à¥‚कोसिडेज़ इनहिबिटर गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚टेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का कारण हो सकते हैं।
DPP-4 अवरोधक सिटैगà¥à¤²à¤¿à¤ªà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ (जानà¥à¤µà¤¿à¤¯à¤¾) गंà¤à¥€à¤° à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं, गले में खराश, ऊपरी शà¥à¤µà¤¸à¤¨ संकà¥à¤°à¤®à¤£ और सिरदरà¥à¤¦ का कारण हो सकता है।
पà¥à¤°à¤®à¤²à¤‚टीडे (इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ के साथ) जठरांतà¥à¤° संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं (मतली, उलà¥à¤Ÿà¥€, पेट में दरà¥à¤¦, à¤à¤¨à¥‹à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾), मामूली वजन घटाने, सिरदरà¥à¤¦, थकान, चकà¥à¤•र आना, खांसी, गले में खराश, और इंजेकà¥à¤¶à¤¨ सà¥à¤¥à¤² पर तà¥à¤µà¤šà¤¾ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकती है।
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ को कैसे रोकें?
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ की रोकथाम
टाइप 1 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ रोकने योगà¥à¤¯ नहीं है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण होता है। इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ की कमी को दूर करने के लिठइंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ की खà¥à¤°à¤¾à¤• ली जाती है।
टाइप -II डायबिटीज और जेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² डायबिटीज को दवाओं को लेने और उचित आहार और वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® दिनचरà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने से नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है। गà¥à¤²à¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥à¤œ, गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤«à¥‡à¤œ, फोरà¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤Ÿ, रियोमेट जैसी दवाओं का उपयोग Type-II के उपचार के लिठकिया जाता है। à¤à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® जैसे साइकिल चलाना और चलना मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ को रोकने में बहà¥à¤¤ मददगार है यह वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ कम से कम 150 मिनट किया जाना चाहिà¤à¥¤ अपना वजन कम करें और अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार शामिल करें।
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के जटिलताओं कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
नेतà¥à¤° जटिलताओं - मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ रेटिनोपैथी, मोतियाबिंद और मोतियाबिंद जैसी विकार।
पैर की जटिलताà¤à¤‚ - मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के कारण होने वाले गैंगरीन, अलà¥à¤¸à¤° या नà¥à¤¯à¥‚रोपैथी में पैर के विचà¥à¤›à¥‡à¤¦à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ की जटिलताà¤à¤‚ - जिन लोगों को मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ होता है उनमें तà¥à¤µà¤šà¤¾ के विकार और तà¥à¤µà¤šà¤¾ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने का खतरा अधिक होता है।
हृदय की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ - हृदय की मांसपेशियों को रकà¥à¤¤ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ कम हो जाती है, जैसे मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के कारण इसà¥à¤•ेमिक हृदय रोग उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकता है।
हियरिंग लॉस - जिन लोगों को डायबिटीज होता है, उनमें सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ विकसित होने की आशंका अधिक होती है।
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के लिठघरेलू उपचार कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ का पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन करने के लिठकà¥à¤› घरेलू उपचार इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
बीटर या करेला
बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को कम करने के लिठकरेला जिसमें दो बहà¥à¤¤ आवशà¥à¤¯à¤• यौगिक होते हैं, जिसे चारैटिन और मोमोरà¥à¤¡à¤¿à¤¸à¤¿à¤¨ कहा जाता है, सबसे अचà¥à¤›à¤¾ उपलबà¥à¤§ विकलà¥à¤ª होता है।
मेथी
यह मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने, गà¥à¤²à¥‚कोज सहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤°, बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को कम करने और गà¥à¤²à¥‚कोज पर निरà¥à¤à¤° इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ के सà¥à¤°à¤¾à¤µ को पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करने में मदद करता है।
आम के पतà¥à¤¤à¥‡
आम के कà¥à¤› ताजा पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को à¤à¤• गिलास पानी में उबालें और इसे रात à¤à¤° ठंडा होने के लिठछोड़ दें। सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट इसका पानी पिà¤à¤‚।
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ गà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¬à¥‡à¤°à¥€ या आंवला
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ गà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¬à¥‡à¤°à¥€ या आंवला विटामिन सी के सबसे अमीर सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है और आपके अगà¥à¤¨à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¯ को इषà¥à¤Ÿà¤¤à¤® उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करने में मदद करता है ताकि आपके बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र का सà¥à¤¤à¤° संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रहे।
डà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• या मोरिंगा के पतà¥à¤¤à¥‡
डà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• या मोरिंगा ओलीफ़ेरा के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को डà¥à¤°à¤®à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• या मोरिंगा ओलेफ़ेरा के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के लिठसबसे अचà¥à¤›à¥€ तरह से जाना जाता है, बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को बनाठरखने और किसी की ऊरà¥à¤œà¤¾ को बढ़ावा देने की अपनी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के लिठजाना जाता है।
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